जिन्दगी मिल गई है दुबारा

यह कहानी है आदिवासी परिवार में जन्में श्री गौतम मीणा* की जो सलूम्बर क्षेत्र कि झल्लारा पंचायत समिति के बोरी गाँव के रहने वाले हैं। इनकी माता की मृत्यु तभी हो गई थी जब वे मात्र 5 वर्ष के थे और पिता का साया भी आज से 2 वर्ष पूर्व …

Swasth Diwas at Amrit: A Photostory

Swasth Diwas is an initiative at Amrit Clinic to create a peer group of persons suffering from Tuberculosis and their families. This group congregates once a month. They learn about the disease itself, the importance of compliance to the drug regime, and nutrition; they bust myths, and meet survivors. Pranoti …

जुडवाँ बच्चे-दोहरी खुशियाँ

जुडवाँ बच्चे-दोहरी खुशियाँ नवली बाई मानपुर पंचायत के हण्ड़ी फला गांव की रहने वाली एक खेतीहर आदिवासी महिला श्रमिक है। इनकी उम्र 40 वर्ष है। लाली बाई के पति रामलाल प्रवासी श्रमिक है जो कि अहमदाबाद में मार्बल फर्श घिसाई का कार्य करते है। रामलाल जी लम्बे समय तक प्रवास …

पोषण कार्यक्रम से बदला दूर-दराज के आदिवासी क्षेत्रों में खान-पान का स्वरूप

पोषण कार्यक्रम से बदला दूर-दराज आदिवासी इलाकों में खान-पान का स्वरूप “एक माह मेँ केवल दो बार हरी सब्जी का उपयोग होता जब माँ बाजार जाती तो हरी सब्जी नसीब होती लेकिन किचन गार्डन लगाने के बाद सप्ताह मेँ चार दिन हरी सब्जी खाते है और पड़ौसियों को भी दी …

Report and Recommendations of the National Consultation on Strengthening Primary HealthCare in Rural India

Access the complete Report of National Consultation on Strengthening Primary HealthCare in Rural India organised by Basic HealthCare Services and Academy of Family Physicians in India during the World Rural Health Conference ’18 held in April’18 at Indian Habitat Centre, New Delhi http://www.wrhc2018.com/pdf/Rural%20Primary%20Care%20Report.pdf

Is you Daaktar Saab really a Doctor?

All across the country poor people receive even poorer healthcare when it is them that require it the most. Where public facilities are lacking untrained professionals and quacks flock to fill the gap. Here is one such disturbing incident from AMRIT Clinic field area. When Manish had a high fever …