जिन्दगी मिल गई है दुबारा

यह कहानी है आदिवासी परिवार में जन्में श्री गौतम मीणा* की जो सलूम्बर क्षेत्र कि झल्लारा पंचायत समिति के बोरी गाँव के रहने वाले हैं। इनकी माता की मृत्यु तभी हो गई थी जब वे मात्र 5 वर्ष के थे और पिता का साया भी आज से 2 वर्ष पूर्व …

जुडवाँ बच्चे-दोहरी खुशियाँ

जुडवाँ बच्चे-दोहरी खुशियाँ नवली बाई मानपुर पंचायत के हण्ड़ी फला गांव की रहने वाली एक खेतीहर आदिवासी महिला श्रमिक है। इनकी उम्र …

पोषण कार्यक्रम से बदला दूर-दराज के आदिवासी क्षेत्रों में खान-पान का स्वरूप

पोषण कार्यक्रम से बदला दूर-दराज आदिवासी इलाकों में खान-पान का स्वरूप “एक माह मेँ केवल दो बार हरी सब्जी का उपयोग होता …